मेरी बातों को सही वाक्यों में सजाया ,
जिन्होंने हमे पढना सिखाया
समाज में जीने का रुतबा बताया
अपने आप से नज़रे मिलाना सिखाया
एक घड़े की तरह सही आकार बनाया
कीचड़ में कमल की तरह खिलना सिखाया
कभी हँसाया तो कभी रुलाया
मात्र भाषा से ले कर विदेशी विज्ञान बताया
संगीत हो या नृत्य ,खेल हो या कोई प्रतियोगिता
साथ हमेशा रहा टीचर्स का हाथ
नम्बरों की दोड़ न सिखाई हमे
सिर्फ दिखाई राह सच्चाई
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