कुछ करने की चाह ने
मुझे नयी पहचान दी
मेरी हिम्मत तरक्की की राह बनी
पर हर पग मुश्किल है
सच्चाई की डगर थोड़ी कठिन है
हमने भी सोचा है कि
अब न कदम पीछे हटेंगे
फूलों संग जैसे होते हैं काँटे
अच्छाई संग होते बुराई के बंदे
डर के यूँ भागना
मेरी आदत नहीं
बढ़ते है मेरे कदम बस यूँ ही
और बढ़ते कदम,और बढ़ते कदम..
मुझे नयी पहचान दी
मेरी हिम्मत तरक्की की राह बनी
पर हर पग मुश्किल है
सच्चाई की डगर थोड़ी कठिन है
हमने भी सोचा है कि
अब न कदम पीछे हटेंगे
फूलों संग जैसे होते हैं काँटे
अच्छाई संग होते बुराई के बंदे
डर के यूँ भागना
मेरी आदत नहीं
बढ़ते है मेरे कदम बस यूँ ही
और बढ़ते कदम,और बढ़ते कदम..