हल चल सी मन में ,
आहत सी ज़िंदगी में होने लगी थी
एक कदम और लाइफ बढ़ने लगी थी। …
जब तेरे आने से पहले ही
तेरे होने के एहसास ने
मुझे मजबूत ,कोमल और
और न जाने क्या-क्या बना दिया ?
जीवन के हर रंग में ,
बसना सिखा दिया
बस एक शब्द में ,
सारा शब्द कोष समा गया -माँ
मेरे प्यार में,पुकार में,डाँट में ,दुलार में
असीमित प्यार की फुहार है !
तेरे नन्हे कदमो से ,
तेरे कंधो की ऊचाई तक !
कोई सीमा नहीं
मेरे आशीर्वाद और प्यार की.…
Wah Kavi Deepti!!
ReplyDelete